CCLE सतत एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन : Continuous and Comprehensive Learning and Evaluation-Chapter 1

21 वी सदी के कौशलों पर आधारित सतत एवं व्यापक अधिगम एवं मूल्यांकन कार्यक्रम CCLE का सृजन किया गया जिससे हमारे विद्यार्थी आने वाले समय की चुनौतियों के लिए तैयार हो सके और आनंददायी वातावरण मे शिक्षा प्राप्त कर सक्रिय नागरिकों के रूप में राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकें ।

Index: अनुक्रमणिका

  1. सतत एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन : एक परिचय Continuous and Comprehensive Learning and evaluation
  2. 21वीं शताब्दी के कौशल की अवधारणा, फ्रेमवर्क एवं संकेतक Concept of 21st Century Skills, framework and Scale
  3. बाल सभा हेतु प्रत्येक माह की जाने वाली गतिविधियों की थीम और कैलेंडर Theme and Calendar of Every Month Activities for Baal Sabha
  4. CCLE गतिविधियों के क्रियान्वयन हेतु प्राचार्य एवं शिक्षकों की भूमिका Role of Principal and teacher for Implementation of CCLE Activities
  5. प्रार्थना सभा: कक्षा का वातावरण एवं उन्मुखीकरण Prarthana Sabha : Classroom Environment and Mobilisation
  6. प्रथम सप्ताह: लेखन कौशल संबंधी गतिविधियां First Week: Writing Skills Activities
  7. द्वितीय सप्ताह : वक्तृत्व कौशल संबंधी गतिविधियां Second Week : Speaking Skills
  8. तृतीय सप्ताह : प्रश्न मंच गतिविधियां Third Week : Quiz Activity
  9. चतुर्थ सप्ताह : दृश्य एवं प्रदर्शन कौशल संबंधी गतिविधियां Fourth Week : Audio –Visual Skills related Activities
  10. CCLE गतिविधियों का मूल्यांकन एवं दस्तावेजीकरण Evaluation and Documentation of CCLE Activities
  11. CCLE गतिविधियां : सुझावात्मक विषय Suggested Topics

सतत एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन : Highlights Continuous and Comprehensive Learning and evaluation

राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP 1986 :

गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के अनुसार “ सृजनात्मकता और आनंद बचपन की कुंजी है और नासमझ वयस्क संसार द्वारा उनकी विकृति का खतरा है . राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 में प्रस्तावित किया गया था कि राष्ट्रीय पाठ्यचर्या को शिक्षा की राष्ट्रीय व्यवस्था विकसित करने का एक साधन होना चाहिए । जो भारतीय संविधान में राष्ट्रीय निर्माण के दर्शन को अपनी आधार भूमि बना सके प्लान आफ एक्शन 1992 में प्रासंगिकता, लचीलापन और गुणवत्ता के तत्वों पर जोर देते हुए इसके दायरे को थोड़ा और विस्तृत किया था।

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005

सामाजिक न्याय और समानता के संवैधानिक मूल्यों पर आधारित एक धर्मनिरपेक्ष, समतामूलक और बहुलतावादी समाज के आदर्श से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 में शिक्षा के कुछ व्यापक उद्देश्य चिन्हित किए गए हैं, इनमें शामिल हैं विचार और कर्म की स्वतंत्रता, दूसरों की भलाई और भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता, नयी स्थितियों का लचीलेपन और रचनात्मक तरीके से सामना करना, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी की प्रवृत्ति और आर्थिक प्रक्रियाओं तथा सामाजिक बदलाव में योगदान देने के लिए काम करने की क्षमता ।

अगर शिक्षा को जीवन के लोकतांत्रिक तरीकों को सुदृढ करना है तो उसे स्कूल में जाने वाली पहली पीढ़ी की उपस्थिति का भी ध्यान रखना ही होगा, जिसका स्कूल में बने रहना उस संविधान संशोधन के चलते अनिवार्य हो गया है जिसने आरंभिक शिक्षा को हर बच्चे का मौलिक अधिकार बना दिया है। संविधान के इस संशोधन से हम पर यह ज़िम्मेदारी आ गई है कि हम सारे बच्चों को जाति, धर्म संबंधी अंतर, लिंग और असमर्थता संबंधी चुनौतियों से निरपेक्ष रहते हुए स्वास्थ्य, पोषण और समावेशी स्कूली माहौल उपलब्ध कराए जो उनको शिक्षा ग्रहण में मदद पहुँचाए तथा उन्हें सशक्त बनाए .

सतत् एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन – कौशल एवं गतिविधियाँ

विद्यार्थियों में २१वी सदी के कौशलों के विकास हेतु सतत् एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन कार्यक्रम के अंतर्गत गतिविधि आधारित बालसभा प्रत्येक शनिवार को प्रथम तीन कालखण्ड में संचालित की जायेगी. प्रत्येक शनिवार में किसी विशेष कौशल को विकसित करने वाली गतिविधयों का संचालन किया जाएगा. इस प्रकार माह के चार शनिवार हेतु करवाई जाने वाली गतिविधियाँ निम्नानुसार होंगी :

ये सभी गतिविधियां 21 वीं शताब्दी के कौशल पर आधारित है जिनके आधार पर ccle गतिविधियां डिजाइन की गई हैं जो निम्नानुसार हैं :

सतत एवं व्यापक अधिगम एवं मूल्यांकन हेतु निर्देश :

मध्यप्रदेश के विद्यालयों में शैक्षिक उद्देश्यों को प्राप्त करने एवं शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने हाई स्कूल की कक्षा 9 वीं एवं 10 वीं में CCLE अंतर्गत 20 प्रतिशत अंक देने का निर्णय लिया है ।

उपरोक्त निर्णय के अनुसार प्रदेश के समस्त विद्यालयों में प्रत्येक शनिवार को प्रथम तीन कालखंडों मे ccle गतिविधियां आयोजित की जाएंगी । इसीके आधार पर वार्षिक परीक्षाफल बनाया जाएगा । CCLE तीन क्षेत्रों में किया जाएगा । जिसका अधिभार निम्नानुसार होगा :

CCLE

ccle का सम्पूर्ण संदर्शिका डाउनलोड करें ।

CCLE के लिए आवश्यक गतिविधि कैसे की जाएगी ?

  1. शैक्षिक क्षेत्र में 6 अनिवार्य विषयों में निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार तिमाही, छमाही एवं वार्षिक परीक्षा द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा । तिमाही अर्धवार्षिक एवं वार्षिक परीक्षा मूल्यांकन, विषय आधारित एवं सह शैक्षिक क्षेत्र मूल्यांकन , गतिविधि आधारित तथा दोनों के संयुक्त आधार पर उपरोक्त कंडिका में वर्णित अंक प्रक्रिया अनुसार वार्षिक परीक्षा फल प्रदान किया जाएगा ।
  2. सह शैक्षिक क्षेत्र के अंतर्गत माह जुलाई से जनवरी तक प्रत्येक सप्ताह शनिवार को प्रत्येक कक्षा / वर्ग के विद्यार्थी उस दिन की गतिविधि में भाग लेंगे । गतिविधियों में प्रत्येक छात्र की सहभागिता अनिवार्य है जिस पर उन्हें अंक दिए जाएंगे । प्राचार्य द्वारा प्रत्येक कक्षा में इन गतिविधियों एवं मूल्यांकन की मॉनिटरिंग की जाएगी ।
  3. कैलेंडर अनुसार निर्धारित शनिवार को अवकाश की दशा में आगामी शनिवार को 2 सप्ताह की गतिविधि और मूल्यांकन कराया जाएगा ।
  4. उपरोक्त अनुसार प्रत्येक माह की गतिविधि के लिए निर्धारित 70 अंक हेतु अंक विभाजन निर्धारित रहेगा ।
  5. सतत एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन की गतिविधि का संचालन मूल्यांकन तथा रिकॉर्ड का संधारण कक्षा अध्यापक द्वारा किया जाएगा । अन्य विशेष शिक्षकों को भी प्राचार्य द्वारा कक्षाएं आवंटित की जाएंगी ताकि कक्षा अध्यापक की अनुपस्थिति में सीसीएल गतिविधि एवं मूल्यांकन कक्षाओं में नियमित जारी रह सके ।
  6. सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को चार सदन / हाउसों में बैठकर छात्र वार, कक्षा वार एवं सदन / हाउस निर्माण किया जाकर रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा । विद्यालय का संपूर्ण रिकॉर्ड परीक्षा प्रभारी के पास समेकित रूप से अन्य परीक्षा अभिलेखों के समान 1 वर्ष के लिए सुरक्षित रखा जाएगा ।

The Introduction of CCLE pdf Download Here

सह शैक्षिक क्षेत्रों में अंक प्रदान करने की प्रक्रिया क्या होगी ?

इस प्रकार छात्रों को उपरोक्त अनुसार सह शैक्षिक क्षेत्र में 7 माह की गतिविधियों में भाग लेने पर निम्नानुसार अंक प्रदान किए जाएंगे :-

  1. प्रथम एवं द्वितीय सप्ताह 20 अंक * 7 माह * 2 सप्ताह = 280 अंक
  2. तृतीय एवं चतुर्थ सप्ताह 15 अंक * 7 माह * 2 सप्ताह = 210 अंक
  3. कुल अंक = 490 अंक
  4. संपूर्ण सत्र में बाल सभा में नियमित उपस्थिति पर 10 अंक
  5. कुल अंक 500 अंक
  6. प्रत्येक माह में विद्यार्थी की व्यक्तिगत प्रदर्शन एवं विद्यार्थी के निर्धारित सदन /हाउस के द्वारा अर्जित अंकों को जोड़ा जाकर, सतत एवं व्यापक शिक्षा गतिविधि मूल्यांकन पंजी संधारित किया जाएगा।
  7. वार्षिक परीक्षा के उपरांत शैक्षिक क्षेत्र में तिमाही, छमाही एवं वार्षिक परीक्षा एवं प्रायोगिक में प्राप्त अंकों के साथ शैक्षिक क्षेत्र में विद्यार्थी द्वारा अर्जित उपलब्धि के अंक जोड़े जाकर वार्षिक परीक्षा फल की अंकसूची प्रदान की जाएगी । अंक विभाजन निम्नानुसार रहेगा :-
मूल्यांकन कुल अंक अधिभार
तिमाही परीक्षा 500 5%
अर्द्धवार्षिक परीक्षा 500 5%
वार्षिक परीक्षा 500 70%
सह शैक्षिक मूल्यांकन 500 प्राप्तांक का 20%
वार्षिक परीक्षा फल 100%
सीसीएलई

Class 9th and 11th Evaluation System : स्थानीय परीक्षा पद्धति कैसी होगी ?

  1. कक्षा नौवीं के वार्षिक परीक्षा में प्राप्त अंकों की गणना Best of Five पद्धति से की जाएगी, इसके अंतर्गत कुल 6 विषयों की परीक्षा ली जाती है जिनमें से 5 विषयों में विद्यार्थी के, जिसमें सबसे अधिक अंक होंगे, परीक्षा परिणाम उन पांच विषयों से ही तैयार किया जाएगा .
  2. कक्षा नौवीं की वार्षिक परीक्षा में प्रत्येक विद्यार्थी को 5 अंकों का लाभ Grace के रूप में दिया जा सकता है । यह लाभ किसी एक अथवा सभी विषयों में कुल मिला कर दिया जा सकता है ।
  3. तिमाही अर्धवार्षिक एवं वार्षिक परीक्षा में Grace देने के बाद प्राप्त अंकों में सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक विषयों में उत्तीर्ण होने के लिए अलग-अलग न्यूनतम 33% अंक लाना अनिवार्य होगा । यदि छात्र दो विषय में अनुत्तीर्ण होता है तो छात्र को दो विषय में पूरक की पात्रता होगी और दोनों विषय में पूरक परीक्षा में सम्मिलित होना जरूरी होगा ।
  4. यदि छात्र 3 विषयों में अनुत्तीर्ण होता है तो उसका परीक्षा परिणाम अनुत्तीर्ण घोषित किया जाएगा ।
  5. 6 विषयों में सम्मिलित होकर यदि छात्र का परीक्षा परिणाम पांच विषय में उत्तीर्ण एवं एक विषय में अनुत्तीर्ण घोषित किया गया है तो छात्र Best of Five पद्धति से उत्तीर्ण घोषित किया जाएगा एवं अगले वर्ष वह श्रेणी सुधार में शामिल हो सकता है ।
  6. कक्षा 9 वीं एवं 11वीं की परीक्षा में माध्यमिक शिक्षा शिक्षा मण्डल की Grace नीति का पालन किया जाएगा । यदि Grace की स्थिति बनती है तो सभी विषयों में अथवा किसी एक विषय में Grace दिया जा सकता है ।
  7. किसी भी विषय में योग में Grace सम्मिलित नहीं किया जाएगा ।
  8. यदि किसी विषय में grace दिया जाता है तो ऊपर लाल स्याही में गोल लगाकर grace लिखा जाएगा ।

To Be Continue ………………..

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CCLE की अवधारणा समझने के लिए निम्न वीडियो देखें

FAQs: सतत एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन (CCLE) के बारे में आम सवाल और जवाब:

प्रश्न 1: सतत एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन (CCLE) क्या है?
उत्तर: सतत एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन (CCLE) एक परिवर्धित शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण भाग है जो छात्रों के लिए निरंतर मूल्यांकन और समग्र शिक्षा को बढ़ावा देती है।

प्रश्न 2: 21वीं सदी के कौशलों का अधिगम क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: 21वीं सदी के कौशल छात्रों को आधुनिक विश्व में सफलता प्राप्त करने में मदद करते हैं, जैसे कि सोचने, समस्या का समाधान करने, सहज संवाद करने और समाज में सहभागिता करने की क्षमता।

प्रश्न 3: CCLE गतिविधियों को कैसे संचालित किया जाता है?
उत्तर: CCLE गतिविधियों का संचालन मुख्य रूप से प्राचार्य और शिक्षकों की भूमिका होती है, जिन्हें छात्रों के विकास और मूल्यांकन के लिए जिम्मेदार बनाया जाता है।

प्रश्न 4: बालसभा में प्रत्येक माह की गतिविधियों की थीम और कैलेंडर क्या होती है?
उत्तर: बालसभा में प्रत्येक माह की गतिविधियों की थीम और कैलेंडर विद्यार्थियों के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए निर्धारित किए जाते हैं, जिनमें विभिन्न कौशलों का समावेश किया जाता है।

प्रश्न 5: सतत एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन का मूल्यांकन और दस्तावेजीकरण कैसे होता है?
उत्तर: सतत एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन के गतिविधियों का मूल्यांकन और दस्तावेजीकरण शिक्षकों द्वारा विशेष मापदंडों के आधार पर किया जाता है।

प्रश्न 6: CCLE गतिविधियों में कौन-कौन से कौशल शामिल होते हैं?
उत्तर: CCLE गतिविधियों में सोचने, समस्या का समाधान करने, सहज संवाद करने और रचनात्मक तरीके से सामना करने जैसे कौशल शामिल होते हैं।

प्रश्न 7: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 क्या है और इसमें कौन-कौन से मूल्यांकन हैं?
उत्तर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 भारतीय संविधान के सिद्धांतों को आधार बनाकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए निर्धारित एक संरचना है, जिसमें छात्रों के विकास के लिए मूल्यांकन एवं दस्तावेजीकरण शामिल हैं।

प्रश्न 8: CCLE का Full Form क्या है ?
उत्तर: CCLE का Full form है : Continuous and Comprehensive Learning and Evaluation

प्रश्न 9: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 में कौन-कौन से मूल्यांकन शामिल होते हैं?
उत्तर: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 में मूल्यांकन के अंतर्गत छात्रों के स्वतंत्रता, संवेदनशीलता, रचनात्मकता और सहभागिता के मूल्यांकन शामिल होते हैं।

प्रश्न 10: मध्यप्रदेश के विद्यालयों में CCLE का क्या अधिकार है?
उत्तर: मध्यप्रदेश के विद्यालयों में CCLE के अंतर्गत 20 प्रतिशत अंक छात्रों को दिए जाते हैं, जो उनके विकास और शिक्षा की गुणवत्ता में मदद करते हैं।

प्रश्न 11: CCLE गतिविधियों का मूल्यांकन कैसे होता है?
उत्तर: CCLE गतिविधियों का मूल्यांकन शिक्षकों द्वारा विशेष मापदंडों के आधार पर किया जाता है, जिससे छात्रों के विकास का पूर्णांकन होता है।

प्रश्न 12: CCLE की सम्पूर्ण संदर्शिका कैसे डाउनलोड की जाती है?
उत्तर: CCLE की सम्पूर्ण संदर्शिका को डाउनलोड करने के लिए आप निम्न लिंक पर जा सकते हैं: CCLE संदर्शिका डाउनलोड

प्रश्न 13: CCLE के अंतर्गत कौन-कौन से गतिविधियां शामिल होती हैं?
उत्तर: CCLE के अंतर्गत सोचने, समस्या का समाधान करने, सहज संवाद करने और रचनात्मक तरीके से सामना करने जैसी गतिविधियां शामिल होती हैं।

प्रश्न 14: CCLE गतिविधियों के कैलेंडर कैसे तैयार किया जाता है?
उत्तर: CCLE गतिविधियों के कैलेंडर को विद्यार्थियों के विकास को समर्थन करने वाले विषयों और कौशलों के आधार पर तैयार किया जाता है।

प्रश्न 15: CCLE के तहत कौन-कौन से भूमिकाएं होती हैं?
उत्तर: CCLE के तहत प्राचार्य और शिक्षकों को छात्रों के विकास और मूल्यांकन में सक्रिय भूमिका मिलती है।

प्रश्न 16: प्रथम तीन कालखण्ड में CCLE गतिविधियों को कैसे संचालित किया जाता है?
उत्तर: प्रथम तीन कालखण्ड में CCLE गतिविधियों को विशेष कौशलों के विकास को समर्थन करने के लिए संचालित किया जाता है।

प्रश्न 17: सतत एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन का लक्ष्य क्या है?
उत्तर: सतत एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन का लक्ष्य छात्रों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करना है और उन्हें आधुनिक दुनिया में सफल बनाना है।

प्रश्न 18: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2005 में शामिल किए गए मूल्यांकन क्या हैं?
उत्तर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2005 में शामिल किए गए मूल्यांकन छात्रों के स्वतंत्रता, संवेदनशीलता, रचनात्मकता और सहभागिता को महत्वपूर्ण मानते हैं।

प्रश्न 19: CCLE गतिविधियों के क्रियान्वयन में प्राचार्य और शिक्षकों की भूमिका क्या होती है?
उत्तर: CCLE गतिविधियों के क्रियान्वयन में प्राचार्य और शिक्षकों को गतिविधियों को संचालित करने और छात्रों के विकास को समर्थन करने की भूमिका मिलती है।

प्रश्न 20: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 में शामिल किए गए कौशल क्या हैं?
उत्तर: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 में शामिल किए गए कौशल सोचने, समस्या का समाधान करने, सहज संवाद करने और रचनात्मकता को विकसित करने के लिए होते हैं।

प्रश्न 21: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के तहत कौन-कौन से अंतर्गत उद्देश्य शामिल होते हैं?
उत्तर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के तहत उद्देश्य मुख्य रूप से छात्रों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करना है, जो उन्हें आधुनिक दुनिया में सफलता प्राप्त करने में मदद करता है।

प्रश्न 22: CCLE के अंतर्गत कौन-कौन से संस्थान होते हैं?
उत्तर: CCLE के अंतर्गत विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थान होते हैं।

प्रश्न 23: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2005 में शामिल किए गए उद्देश्य क्या हैं?
उत्तर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2005 में शामिल किए गए उद्देश्य छात्रों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करने और उन्हें आधुनिक जीवन में सक्षम बनाना है।

यहां आपको सतत एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन (CCLE) से संबंधित कुछ जानकारी प्रदान किया गया है। कृपया ध्यान दें कि इस जवाब को 2023 में लिखा गया है, इसलिए प्राधिकार रखने वाली संस्थाओं एवं संबंधित कार्यालय के निर्देशों और संदर्भ के अनुसार आपको अधिक जानकारी के लिए संबंधित विभागों के वेबसाइट पर जांच करना चाहिए।

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