CCLE Activity:House wise Dance and Music Folk Art on Newspaper Reading Habit Theme
गतिविधि विवरण (Activity Description):
- गतिविधि (Activity): नृत्य/संगीत (लोककला) – Dance/Music (Folk Art)
- प्रकार (Type): सदन/हाउसवार प्रतियोगिता – Inter-House Competition
- अंक (Marks): 15
- उपविषय (Sub-topic): न्यूज़ पेपर रीडिंग हैबिट – Newspaper Reading Habit (Awareness & Knowledge)
1. प्रस्तावना: ज्ञान के संसार का संगीतमय सवेरा (Introduction: A Musical Dawn of Knowledge)
“अखबार केवल कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि दुनिया को देखने की खिड़की है।” सीसीएलई (Continuous and Comprehensive Learning and Evaluation) के अंतर्गत ‘सबल भारत’ थीम के तहत आयोजित होने वाली इस बाल सभा का मुख्य उद्देश्य छात्रों में ‘समाचार पत्र पढ़ने की आदत’ (Newspaper Reading Habit) को पुनर्जीवित करना है।
आज के डिजिटल और ‘शॉर्ट्स’ (Shorts) के युग में, गहराई से पढ़ने की आदत कम होती जा रही है। ऐसे में भारतीय लोककला (Folk Art)—नृत्य और संगीत—के माध्यम से इस विषय को उठाना एक शानदार नवाचार है। इस गतिविधि के जरिए छात्र लोकगीतों और नृत्य मुद्राओं का उपयोग करके यह संदेश देंगे कि कैसे सुबह की चाय के साथ अखबार पढ़ना ना केवल हमारा सामान्य ज्ञान (General Knowledge) बढ़ाता है, बल्कि हमें एक जागरूक नागरिक भी बनाता है।
2. लोककला और पठन पाठन का संबंध (Connection between Folk Art and Reading Habits)
भारत के ग्रामीण और शहरी परिवेश में “चौपाल” हमेशा से चर्चा और ज्ञान के आदान-प्रदान का केंद्र रही है। लोककलाएं इन्हीं चौपालों से निकली हैं।
- सामाजिक जुड़ाव (Social Connection): लोकगीतों के माध्यम से यह दर्शाया जा सकता है कि कैसे एक अखबार पूरे परिवार या गाँव को एक साथ बैठकर चर्चा करने के लिए प्रेरित करता है।
- भ्रामक खबरों से बचाव (Protection from Fake News): नुक्कड़ नाटकों और संगीत के माध्यम से सोशल मीडिया की अफवाहों और अखबार की प्रामाणिकता (Authenticity) के बीच का अंतर समझाया जा सकता है।
- मनोरंजक अभिव्यक्ति (Entertaining Expression): पढ़ने जैसी शांत गतिविधि को लोकनृत्य के माध्यम से ऊर्जावान तरीके से प्रस्तुत करना छात्रों की रचनात्मकता को नई उड़ान देता है।
3. सदनों के लिए रचनात्मक प्रस्तुति के आइडिया (Creative Presentation Ideas for Houses)
विभिन्न सदन (Houses) अपनी 15 अंकों की प्रस्तुति को आकर्षक बनाने के लिए इन विचारों (Ideas) का प्रयोग कर सकते हैं:
उदाहरण 1: ‘सुबह की चाय और अखबार’ – प्रभाती गायन (Example 1: ‘Morning Tea and the Newspaper’ – Prabhati Singing)
- लोककला: प्रभाती (सुबह के लोकगीत) और अभिनय
- विवरण: मंच पर घर के आंगन का दृश्य बनाया जाए। पृष्ठभूमि (Background) में हारमोनियम और मंजीरे पर एक सुरीला सुबह का लोकगीत बज रहा हो। कोरियोग्राफी में दिखाया जाए कि कैसे दादाजी अखबार पढ़ रहे हैं और बच्चे उनके आस-पास बैठकर दुनिया भर की खबरें सुन रहे हैं।
- संदेश: दिन की शुरुआत ज्ञान (Knowledge) के साथ करें।
उदाहरण 2: ‘गाँव की चौपाल और दुनिया की खबर’ (Example 2: ‘Village Chaupal and World News’)
- लोककला: मालवी या बघेली लोकनृत्य (जैसे- दादरा या कहरा)
- विवरण: छात्र ग्रामीण वेशभूषा (धोती, साफा) पहनकर मंच पर आएं। एक छात्र के हाथ में अखबार हो और वह उसे गाते हुए (Folk Tune में) पढ़कर सुनाए। बाकी छात्र हर खबर (जैसे खेल, राजनीति, विज्ञान) पर अलग-अलग नृत्य मुद्राएं प्रस्तुत करें।
- संदेश: देश-दुनिया से जुड़े रहना (Staying Updated with the World)।
उदाहरण 3: ‘अफवाहों का जाल बनाम अखबार की ढाल’ (Example 3: ‘Web of Rumors vs. Shield of Newspaper’)
- लोककला: बुंदेलखंडी ‘राई’ और नुक्कड़ नाटक शैली
- विवरण: तेज गति वाले लोकनृत्य और संगीत का उपयोग करते हुए दो समूहों के बीच टकराव (Face-off) दिखाया जाए। एक समूह ‘मोबाइल की अफवाहों’ का प्रतिनिधित्व करे (जो अस्थिर और डरे हुए हों), और दूसरा समूह ‘अखबार के पाठकों’ का (जो आत्मविश्वासी और शांत हों)।
- संदेश: प्रामाणिक जानकारी (Authentic Information) के लिए अखबार पढ़ें।
उदाहरण 4: ‘सफलता की कुंजी’ – रिदमिक कदमताल (Example 4: ‘Key to Success’ – Rhythmic Footwork)
- लोककला: कर्मा या गरबा की ताल
- विवरण: छात्र हाथों में अखबार के कटआउट्स (Cut-outs) लेकर एक लयबद्ध नृत्य (Rhythmic Dance) प्रस्तुत करें। वे नृत्य के माध्यम से दिखाएं कि कैसे अखबार पढ़ने से प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams), शब्दावली (Vocabulary) और आत्मविश्वास में सफलता मिलती है।
- संदेश: अखबार पढ़ना सफलता की सीढ़ी है।
4. मूल्यांकन के आधार: 15 अंकों का विभाजन (Marking Scheme: Break-up of 15 Marks)
निर्णायक मंडल (Judges) निम्नलिखित वस्तुनिष्ठ बिंदुओं के आधार पर प्रत्येक सदन को अंक प्रदान करेंगे:
| क्र. | मूल्यांकन का आधार (Evaluation Criteria) | निर्धारित अंक (Marks) |
| 1. | विषय की प्रासंगिकता (Relevance to Theme): प्रस्तुति में ‘अखबार पढ़ने की आदत’ और उसके लाभों का संदेश कितना स्पष्ट था? | 05 |
| 2. | लोककला की प्रामाणिकता (Authenticity of Folk Art): चुने गए लोक नृत्य/संगीत की क्षेत्रीय शुद्धता और कलात्मकता। | 03 |
| 3. | रचनात्मकता और प्रॉप्स (Creativity and Props): समाचार पत्र, चश्मा, चाय का कप या चौपाल जैसे प्रॉप्स का बेहतरीन उपयोग। | 03 |
| 4. | मंच उपस्थिति और ऊर्जा (Stage Presence and Energy): कलाकारों का उत्साह, चेहरे के भाव और दर्शकों पर प्रभाव। | 02 |
| 5. | सामूहिक प्रयास (Team Work): समूह के सभी सदस्यों की भागीदारी और उनका आपसी समन्वय (Synchronization)। | 02 |
| कुल अंक (Total Marks) | 15 |
5. आयोजन हेतु निर्देश (Instructions for Organizing the Activity)
- प्रॉप्स (Props): प्रस्तुति में वास्तविक या पुराने समाचार पत्रों, मैग्निफाइंग ग्लास (Magnifying Glass) और किताबों का रचनात्मक उपयोग अनिवार्य किया जा सकता है।
- समय सीमा (Time Limit): प्रत्येक हाउस की गायन या नृत्य प्रस्तुति 5 से 7 मिनट की होनी चाहिए।
- पठन संकल्प (Reading Pledge): बाल सभा के अंत में विद्यालय के प्राचार्य या हाउस कैप्टन द्वारा सभी छात्रों को “प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट समाचार पत्र पढ़ने” का संकल्प (Pledge) दिलाया जाए।
6. निष्कर्ष (Conclusion)
“न्यूज़ पेपर रीडिंग हैबिट” पर आधारित यह लोकनृत्य और संगीत की गतिविधि यह साबित करती है कि पढ़ने की संस्कृति को बहुत ही मनोरंजक और कलात्मक ढंग से बढ़ावा दिया जा सकता है। जब छात्र लोकगीतों की धुनों पर अखबार के पन्ने पलटेंगे, तो वे केवल खबरें नहीं पढ़ेंगे, बल्कि अपने स्वर्णिम भविष्य की इबारत लिखेंगे। आइए, बाल सभा के इस मंच से ‘पढ़ेगा इंडिया, तभी तो बढ़ेगा इंडिया’ के संदेश को एक लोक-उत्सव में बदल दें!