House wise Dance and Music Folk Art on Swachhata
CCLE Activity:
गतिविधि विवरण (Activity Description):
- गतिविधि (Activity): नृत्य/संगीत (लोककला) – Dance/Music (Folk Art)
- प्रकार (Type): सदन/हाउसवार प्रतियोगिता – Inter-House Competition
- अंक (Marks): 15
- उपविषय (Sub-topic): स्वच्छता – Cleanliness (Personal & Environmental Hygiene)
1. प्रस्तावना: स्वच्छता और संस्कृति का संगीतमय मेल (Introduction: A Musical Blend of Cleanliness and Culture)
“स्वच्छता में ही ईश्वर का वास है” (Cleanliness is next to Godliness)। सीसीएलई (Continuous and Comprehensive Learning and Evaluation) के अंतर्गत ‘सबल भारत’ थीम के तहत आयोजित होने वाली इस बाल सभा का मुख्य उद्देश्य छात्रों में ‘स्वच्छता’ (Swachhata) के प्रति स्थायी जागरूकता पैदा करना है।
भारत के गाँवों और कस्बों में स्वच्छता हमेशा से हमारी संस्कृति और उत्सवों का हिस्सा रही है। चाहे दीपावली की सफाई हो या सुबह-सुबह घर के आंगन को बुहारना (Sweeping), इन सभी कार्यों के साथ हमारे पारंपरिक लोकगीत जुड़े हुए हैं। इस गतिविधि के माध्यम से छात्र भारतीय लोककला (Folk Art) का उपयोग करके व्यक्तिगत स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण की सफाई का संदेश एक कलात्मक और मनोरंजक तरीके से देंगे।
2. लोककला के माध्यम से स्वच्छता का संदेश (Message of Cleanliness through Folk Art)
जब उपदेशों (Lectures) की जगह लोक संगीत और नृत्य का उपयोग किया जाता है, तो संदेश सीधे दिल तक पहुँचता है और व्यवहार (Behavior) में बदलाव लाता है।
- सामूहिक जिम्मेदारी (Collective Responsibility): लोकनृत्य हमेशा समूह (Group) में किए जाते हैं, जो यह दर्शाते हैं कि स्वच्छता किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का काम है।
- श्रम का सम्मान (Dignity of Labor): नृत्य मुद्राओं में सफाई कर्मियों के श्रम को कलात्मक रूप से प्रस्तुत करने से छात्रों में उनके प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है।
- रचनात्मक अभिव्यक्ति (Creative Expression): झाड़ू (Broom) और कूड़ेदान (Dustbin) जैसे सामान्य उपकरणों को नृत्य के प्रॉप्स (Props) के रूप में उपयोग करना छात्रों की रचनात्मकता को बढ़ाता है।
3. सदनों के लिए रचनात्मक प्रस्तुति के आइडिया (Creative Presentation Ideas for Houses)
विभिन्न सदन (Houses) अपनी 15 अंकों की प्रस्तुति को आकर्षक बनाने के लिए इन विचारों (Ideas) का प्रयोग कर सकते हैं:
उदाहरण 1: ‘आंगन की बुहारी’ – मालवी या निमाड़ी लोकनृत्य (Example 1: ‘Sweeping the Courtyard’ – Malvi/Nimadi Folk Dance)
- लोककला: मालवी / निमाड़ी लोकगीत और नृत्य
- विवरण: मंच पर छात्राएं पारंपरिक वेशभूषा में आएं। वे लोकगीत की धुन पर हाथ में पारंपरिक सींक वाली झाड़ू (Broom) लेकर आंगन बुहारने और रंगोली बनाने की भाव-भंगिमाएं (Movements) प्रस्तुत करें।
- संदेश: घर और आस-पड़ोस की दैनिक सफाई (Daily House and Neighborhood Cleaning)।
उदाहरण 2: ‘नदियों की पुकार’ – मछुआरों का लोकनृत्य (Example 2: ‘Call of the Rivers’ – Fishermen’s Folk Dance)
- लोककला: कोली नृत्य (Koli Dance) या नदी के किनारे गाए जाने वाले लोकगीत
- विवरण: छात्र मछुआरों के वेश में नृत्य कर सकते हैं। नृत्य के पहले हिस्से में नदी में कचरा और प्लास्टिक होने के कारण उनका दुख दिखाया जाए, और दूसरे हिस्से में नदी को साफ करने के बाद का उल्लास (Joy) तेज संगीत पर प्रस्तुत किया जाए।
- संदेश: जल स्रोतों और नदियों की स्वच्छता (Water Body Cleaning)।
उदाहरण 3: ‘सूखा और गीला कचरा’ – संगीतमय नुक्कड़ नाटक (Example 3: ‘Dry and Wet Waste’ – Musical Street Play)
- लोककला: बुंदेलखंडी फाग या नौटंकी शैली
- विवरण: छात्र ‘नीला कूड़ेदान’ (सूखा कचरा) और ‘हरा कूड़ेदान’ (गीला कचरा) बनकर मंच पर आएं। वे ढोलक और मंजीरे की ताल पर एक मजेदार लोकगीत गाएं जिसमें बताया जाए कि किस कचरे को किस डिब्बे में डालना है (Waste Segregation)।
- संदेश: उचित कचरा प्रबंधन (Proper Waste Management)।
उदाहरण 4: ‘प्लास्टिक को ना कहें’ – ऊर्जावान लोकनृत्य (Example 4: ‘Say No to Plastic’ – Energetic Folk Dance)
- लोककला: कर्मा (आदिवासी नृत्य) या गिद्धा/भांगड़ा
- विवरण: छात्र हाथों में कपड़े या जूट के थैले (Cloth/Jute Bags) लेकर तेज संगीत पर नृत्य करें। कोरियोग्राफी में प्लास्टिक की थैलियों को कूड़ेदान में फेंकने और पर्यावरण को बचाने का स्पष्ट संदेश हो।
- संदेश: सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध (Ban on Single-use Plastic)।
4. मूल्यांकन के आधार: 15 अंकों का विभाजन (Marking Scheme: Break-up of 15 Marks)
निर्णायक मंडल (Judges) निम्नलिखित वस्तुनिष्ठ बिंदुओं के आधार पर प्रत्येक सदन को अंक प्रदान करेंगे:
| क्र. | मूल्यांकन का आधार (Evaluation Criteria) | निर्धारित अंक (Marks) |
| 1. | विषय की प्रासंगिकता (Relevance to Theme): प्रस्तुति में ‘स्वच्छता’ (व्यक्तिगत या सार्वजनिक) का संदेश कितना स्पष्ट और प्रभावी था? | 05 |
| 2. | लोककला की प्रामाणिकता (Authenticity of Folk Art): चुने गए लोक नृत्य/संगीत की क्षेत्रीय शुद्धता और कलात्मकता। | 03 |
| 3. | रचनात्मकता और प्रॉप्स (Creativity and Props): झाड़ू, डस्टबिन, कपड़े के थैले या स्वच्छता स्लोगन वाले पोस्टर्स का बेहतरीन उपयोग। | 03 |
| 4. | मंच उपस्थिति और ऊर्जा (Stage Presence and Energy): कलाकारों का उत्साह, चेहरे के भाव और दर्शकों पर प्रभाव। | 02 |
| 5. | सामूहिक प्रयास (Team Work): समूह के सभी सदस्यों की भागीदारी और उनका आपसी समन्वय (Synchronization)। | 02 |
| कुल अंक (Total Marks) | 15 |
5. आयोजन हेतु निर्देश (Instructions for Organizing the Activity)
- प्रॉप्स (Props): छात्रों को प्रोत्साहित करें कि वे कबाड़ से जुगाड़ (Best out of Waste) तकनीक का उपयोग करके अपने प्रॉप्स और वेशभूषा तैयार करें।
- समय सीमा (Time Limit): प्रत्येक हाउस की गायन या नृत्य प्रस्तुति 5 से 7 मिनट की होनी चाहिए।
- स्वच्छता शपथ (Swachhata Pledge): गतिविधि के समापन पर, विजेता सदन के कप्तान (House Captain) द्वारा पूरे विद्यालय को ‘स्वच्छता शपथ’ दिलाई जाए।
6. निष्कर्ष (Conclusion)
“स्वच्छता” पर आधारित यह लोकनृत्य और संगीत की गतिविधि यह साबित करती है कि सफाई केवल एक उबाऊ काम नहीं है, बल्कि यह एक जीवनशैली है जिसका उत्सव मनाया जा सकता है। जब छात्र घुंघरुओं की थाप और ढोलक की ताल पर कूड़ा प्रबंधन (Waste Management) और सफाई के फायदे गाते हैं, तो यह संदेश सीधे उनके आचरण (Conduct) में उतर जाता है। आइए, बाल सभा के इस संगीतमय मंच से ‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’ का सपना साकार करें!