House wise Dance and Music Folk Art on Tree Plantation Theme सबल भारत गतिविधि: चतुर्थ शनिवार – ‘वृक्षारोपण’ थीम पर सदनवार नृत्य और संगीत (लोककला) प्रतियोगिता

CCLE Activity: House wise Dance and Music Folk Art on Tree Plantation Theme

गतिविधि विवरण (Activity Description):

  • गतिविधि (Activity): नृत्य/संगीत (लोककला) – Dance/Music (Folk Art)
  • प्रकार (Type): सदन/हाउसवार प्रतियोगिता – Inter-House Competition
  • अंक (Marks): 15
  • उपविषय (Sub-topic): वृक्षारोपण – Tree Plantation (Afforestation)

1. प्रस्तावना: प्रकृति और संस्कृति का अटूट रिश्ता (Introduction: The Inseparable Bond between Nature and Culture)

भारतीय संस्कृति में प्रकृति को ‘माता’ माना गया है और वृक्षों को ‘देवता’। सीसीएलई (Continuous and Comprehensive Learning and Evaluation) के अंतर्गत ‘सबल भारत’ थीम के तहत आयोजित होने वाली इस गतिविधि का उद्देश्य छात्रों को वृक्षारोपण (Tree Plantation) के प्रति जागरूक करना है।

जब हम “लोककला” (Folk Art) की बात करते हैं, तो भारत के हर प्रांत के लोकगीतों और नृत्यों में मिट्टी की खुशबू और हरियाली का वर्णन मिलता है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र संगीत की लय और नृत्य की मुद्राओं के जरिए यह संदेश देंगे कि “वृक्ष धरा के भूषण हैं, करते दूर प्रदूषण हैं”।


2. लोककला के माध्यम से वृक्षारोपण का संदेश (Message of Plantation through Folk Art)

नृत्य और संगीत संचार के सबसे शक्तिशाली माध्यम हैं। वृक्षारोपण जैसे गंभीर विषय को जब लोक धुनों के साथ जोड़ा जाता है, तो यह सीधे लोगों के हृदय तक पहुँचता है।

  • शारीरिक लाभ: नृत्य एक व्यायाम है जो स्फूर्ति लाता है।
  • मानसिक लाभ: संगीत तनाव दूर करता है और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाता है।
  • सांस्कृतिक लाभ: छात्र अपनी क्षेत्रीय जड़ों (Regional Roots) और पारंपरिक पर्यावरण संरक्षण के तरीकों को समझते हैं।

3. मध्य प्रदेश की लोककला और प्रकृति (Folk Arts of Madhya Pradesh and Nature)

मध्य प्रदेश की लोक संस्कृतियों में वृक्षों का विशेष स्थान है। छात्र अपनी प्रस्तुति में इन शैलियों का उपयोग कर सकते हैं:

  • कर्मा नृत्य (Karma Dance): गोंड और बैगा जनजातियों का यह नृत्य ‘करम’ वृक्ष की पूजा और प्रकृति की उर्वरता को समर्पित है। यह वृक्षारोपण थीम के लिए सबसे उपयुक्त है।
  • भगोरिया (Bhagoria): भील जनजाति का यह उत्सव और नृत्य प्रकृति के प्रति प्रेम और उल्लास का प्रतीक है।
  • निमाड़ी और मालवी लोकगीत: इनमें सावन, हरियाली और पौधों को पालने-पोसने का सुंदर वर्णन मिलता है।

4. सदनों के लिए रचनात्मक उदाहरण (Creative Examples for Houses)

विभिन्न सदन (Houses) अपनी 15 अंकों की प्रस्तुति को प्रभावी बनाने के लिए इन उदाहरणों का अनुसरण कर सकते हैं:

उदाहरण 1: ‘चिपको आंदोलन’ की नृत्य-नाटिका (Example 1: Dance-Drama on ‘Chipko Movement’)

  • लोककला: संगीतबद्ध नाटिका (Musical Play)
  • विवरण: छात्र लोकगीतों की पृष्ठभूमि में सुंदर लाल बहुगुणा और गौरा देवी द्वारा शुरू किए गए ‘चिपको आंदोलन’ को नृत्य के माध्यम से दिखा सकते हैं। इसमें दिखाया जाए कि कैसे लोग वृक्षों को बचाने के लिए उनसे लिपट गए थे।
  • संदेश: “वृक्ष बचाओ, जीवन बचाओ।”

उदाहरण 2: ‘कर्मा’ नृत्य और नए पौधों का रोपण (Example 2: Karma Dance and Sapling Plantation)

  • लोककला: कर्मा (आदिवासी नृत्य)
  • विवरण: छात्र मांदल की थाप पर कर्मा नृत्य करें और नृत्य के दौरान प्रतीकात्मक रूप से (Props के साथ) छोटे पौधों को रोपने और उन्हें पानी देने की क्रिया को कोरियोग्राफ करें।
  • संदेश: “धरती का श्रृंगार, वृक्षारोपण है आधार।”

उदाहरण 3: सावन के झूले और लोकगीत (Example 3: Folk Songs of Sawan)

  • लोककला: कजरी या स्थानीय सावन गीत
  • विवरण: छात्राएं सावन के लोकगीत गाते हुए नृत्य करें जिसमें पीपल, नीम और बरगद के वृक्षों के महत्व का वर्णन हो। इसमें बताया जाए कि कैसे ये वृक्ष ऑक्सीजन और छाया प्रदान करते हैं।
  • संदेश: “हर आंगन में एक पेड़।”

उदाहरण 4: ‘पर्यावरण की पुकार’ – फ्यूजन संगीत (Example 4: ‘Call of Environment’ – Fusion Music)

  • लोककला: ढोलक, बांसुरी और आधुनिक वाद्य यंत्रों का मेल
  • विवरण: छात्र एक ऐसा लोकगीत तैयार करें जिसके बोल आज की ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) की समस्या और उसका समाधान ‘वृक्षारोपण’ को बताएं।

5. मूल्यांकन के आधार: 15 अंकों का विभाजन (Marking Scheme: Break-up of 15 Marks)

निर्णायक मंडल (Judges) निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर प्रत्येक सदन को अंक प्रदान करेंगे:

क्र.मूल्यांकन का आधार (Evaluation Criteria)निर्धारित अंक (Marks)
1.विषय की प्रासंगिकता (Relevance to Theme): क्या प्रदर्शन में वृक्षारोपण का संदेश स्पष्ट है?04
2.पारंपरिक लोककला का उपयोग (Authenticity of Folk Art): लोक धुनों और मुद्राओं की शुद्धता।03
3.समन्वय और टीम वर्क (Coordination & Teamwork): सभी प्रतिभागियों का आपसी तालमेल।03
4.वेशभूषा और प्रॉप्स (Costume & Props): थीम के अनुसार कपड़े और पौधों/वृक्षों के प्रॉप्स।03
5.प्रस्तुति और आत्मविश्वास (Presentation & Confidence): मंच पर प्रदर्शन का प्रभाव।02
कुल अंक (Total Marks)15

6. आयोजन हेतु निर्देश (Instructions for Organizing the Activity)

  1. तैयारी (Preparation): छात्र एक सप्ताह पहले से थीम आधारित लोकगीतों और नृत्यों का अभ्यास करें।
  2. सामाग्री (Materials): मंच पर प्रतीकात्मक वृक्ष, छोटे पौधे, मिट्टी के घड़े और पारंपरिक वाद्य यंत्रों का उपयोग करें।
  3. समय सीमा (Time Limit): प्रत्येक सदन की प्रस्तुति 5 से 8 मिनट की होनी चाहिए।
  4. समावेशिता (Inclusivity): हाउस के अधिक से अधिक छात्रों को शामिल करने का प्रयास करें ताकि ‘सबल भारत’ का सपना साकार हो।

7. निष्कर्ष (Conclusion)

यह गतिविधि केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी (Social Responsibility) है। ‘वृक्षारोपण’ उपविषय पर आधारित यह नृत्य-संगीत प्रतियोगिता छात्रों को प्रकृति प्रेमी बनाएगी और उनके भीतर नेतृत्व गुणों का विकास करेगी। जब छात्र नृत्य करते हुए “एक पेड़ मां के नाम” या “वृक्ष लगाओ, हरियाली लाओ” गाएंगे, तो पूरे विद्यालय परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।


💡 शिक्षक नोट (Teacher’s Note): इस प्रतियोगिता के अंत में, सभी प्रतिभागियों से विद्यालय परिसर में या आसपास के क्षेत्र में वास्तव में एक-एक पौधा लगवाने का संकल्प दिलाएं।

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