MP Board July 2026 Academic Calendar
जून माह में स्कूलों की साफ-सफाई, प्रवेश प्रक्रिया और बुनियादी तैयारियों के बाद, जुलाई वह महीना होता है जब शैक्षणिक सत्र 2026-27 पूरी तरह से अपनी रफ्तार पकड़ लेता है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), भोपाल द्वारा जारी मध्य प्रदेश बोर्ड के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, जुलाई माह केवल रटे-रटाए किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विज्ञान, नवाचार (Innovation), सांस्कृतिक गतिविधियों और बोर्ड परीक्षाओं की ठोस नींव रखने का समय है।
यदि आप एक शिक्षक, संस्था प्रमुख या छात्र हैं, तो जुलाई माह का यह कैलेंडर आपके लिए एक रोडमैप की तरह काम करेगा। आइए, विस्तार से जानते हैं कि इस माह शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए कौन-कौन से प्रमुख निर्देश और लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
1. अकादमिक उत्कृष्टता: बोर्ड परीक्षा की तैयारी और ब्रिज कोर्स
जुलाई माह में पढ़ाई का स्तर और गंभीरता बढ़ जाती है। DPI ने विशेष रूप से कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं:
- कक्षा 9वीं के लिए ब्रिज कोर्स (Bridge Course): कक्षा 8वीं से 9वीं में आने वाले विद्यार्थियों को अक्सर विषय की कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस गैप को पाटने के लिए कैलेंडर में स्पष्ट निर्देश है कि कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों में ‘हिन्दी, अंग्रेजी एवं गणित’ विषयों की दक्षता (Proficiency) स्तर में सुधार करने के लिए 31 जुलाई तक ब्रिज कोर्स का संचालन अनिवार्य रूप से किया जाए। इससे बच्चों का बेस मजबूत होगा और वे हाई स्कूल के सिलेबस को आसानी से समझ सकेंगे।
- कक्षा 10वीं के लिए बोर्ड परीक्षा की प्रारंभिक तैयारी: कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए बोर्ड परीक्षाओं का तनाव कम करने के लिए शुरुआत से ही प्लानिंग जरूरी है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 10वीं के छात्रों को बोर्ड परीक्षा के स्तर की प्रारंभिक तैयारी करवाएं। पाठ्यक्रम (Syllabus) को शीघ्र पूर्ण कर, पुनरावृत्ति (Revision) की ‘वार्षिक कार्य योजना’ शिक्षकों की सहायता से अभी से तैयार करा ली जाए।
2. विज्ञान और नवाचार (Science and Innovation)
बच्चों में वैज्ञानिक सोच (Scientific Temperament) विकसित करने के लिए जुलाई में कई रोचक गतिविधियां आयोजित की जानी हैं:
- इन्सपायर अवार्ड (INSPIRE Award – MANAK): यह भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की एक शानदार पहल है। कक्षा 6 से 10 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों से नए और इनोवेटिव आइडियाज मांगे गए हैं। विद्यालय स्तर पर बेहतरीन आइडियाज का चयन कर उन्हें 1 जुलाई से 15 सितम्बर के बीच आधिकारिक वेबसाइट www.inspireaward.dst.gov.in पर अपलोड करना है। यह बच्चों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का एक सुनहरा अवसर है।
- विज्ञान क्लब और ‘जादू नहीं विज्ञान है‘: स्कूलों में नियमित रूप से विज्ञान क्लब की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके अंतर्गत विशेष रूप से “जादू नहीं विज्ञान है” (Magic is Science) थीम पर प्रैक्टिकल डेमो दिए जाएंगे, ताकि बच्चे अंधविश्वासों से दूर रहें और हर घटना के पीछे छिपे वैज्ञानिक कारण को समझ सकें।
3. सह-शैक्षणिक और सर्वांगीण विकास गतिविधियां (Co-curricular Activities)
कैलेंडर के अनुसार, बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए स्कूलों में मस्ती और लर्निंग का बेहतरीन कॉम्बिनेशन रखा गया है:
- उमंग और उज्ज्वल गतिविधियां: जीवन कौशल (Life Skills) और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए, प्रत्येक मंगलवार को ‘उमंग गतिविधि’ (Umang Activity) और शनिवार को ‘उज्ज्वल गतिविधि’ (Ujjwal Activity) का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
- मोगली बाल उत्सव (Mowgli Bal Utsav): पर्यावरण और प्रकृति के प्रति प्रेम जगाने वाले इस बहुप्रतीक्षित उत्सव का आयोजन जुलाई में ही होना है।
- विद्यालय स्तर पर: 7 जुलाई
- जन शिक्षा केन्द्र स्तर पर: 14 जुलाई
- इंटर स्कूल बैंड प्रतियोगिता: बच्चों में संगीत और टीम-वर्क की भावना विकसित करने के लिए जिला स्तरीय ‘इंटर स्कूल बैंड प्रतियोगिता’ का आयोजन 25 जुलाई को किया जाएगा। स्कूलों को अपनी बैंड टीमों को इसके लिए तैयार करना चाहिए।
4. शिक्षकों के लिए विशेष: टीएलएम मेला और राज्य स्तरीय पुरस्कार
शिक्षा की गुणवत्ता काफी हद तक शिक्षकों की रचनात्मकता पर निर्भर करती है। जुलाई में शिक्षकों के लिए भी विशेष कार्यक्रम तय किए गए हैं:
- टीएलएम मेले का आयोजन (TLM Mela): टीचिंग-लर्निंग मटेरियल (TLM) यानी शिक्षण अधिगम सामग्री के माध्यम से कठिन से कठिन विषयों को आसानी से समझाया जा सकता है। स्कूलों या संकुल स्तर पर शिक्षकों के लिए टीएलएम मेले का आयोजन किया जाएगा, जहाँ शिक्षक अपने द्वारा बनाए गए इनोवेटिव वर्किंग और नॉन-वर्किंग मॉडल्स का प्रदर्शन करेंगे।
- राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार: जो उत्कृष्ट शिक्षक राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए दौड़ में हैं, उनके लिए यह समय महत्वपूर्ण है। जिला स्तर के बाद अब 1 से 15 जुलाई के मध्य ‘संभाग स्तरीय चयन समिति’ (Divisional Level Selection Committee) की बैठक आयोजित की जाएगी, जहाँ योग्य शिक्षकों का मूल्यांकन कर उनके नाम राज्य स्तर पर भेजे जाएंगे।
5. एक भारत, श्रेष्ठ भारत: पूर्वोत्तर की संस्कृति की झलक
राष्ट्रीय एकता को समर्पित ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के छात्रों को इस बार पूर्वोत्तर भारत (North-East India) से जुड़ने का मौका मिलेगा।
- मणिपुर और नागालैण्ड की भाषा का ज्ञान: जुलाई माह में विद्यार्थियों को मध्य प्रदेश के साझेदारी राज्यों—मणिपुर एवं नागालैण्ड—की भाषा और संस्कृति से परिचित कराया जाएगा।
- भाषा संगम और डिजिटल लर्निंग: ‘भाषा संगम’ फोल्डर में दिए गए स्कैनर के माध्यम से भाषा को स्कैन कर, इन राज्यों की भाषाओं के कम से कम 100 शब्दों का चयन किया जाएगा। सभी विद्यार्थियों को इन शब्दों को बोलने (Pronunciation) और लिखने (Writing) का अभ्यास कराया जाएगा।
6. मासिक बैठकें और प्रशासनिक कार्य
स्कूल के सुचारू संचालन के लिए मॉनिटरिंग और रिव्यू बहुत जरूरी है।
- कैलेंडर के निर्देशानुसार, विभिन्न मासिक बैठकों का आयोजन किया जाना है। इन बैठकों के प्रतिभागियों की जानकारी एवं ‘स्थाई एजेंडा’ कैलेंडर में नवम्बर माह के पिछले पृष्ठ पर अंकित है। उसी एजेंडे के अनुसार प्रत्येक माह विद्यालय स्तर पर बैठकों का आयोजन कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाए।
निष्कर्ष (Conclusion)
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), भोपाल का जुलाई 2026 का कैलेंडर इस बात का प्रमाण है कि मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग छात्रों के केवल अकादमिक विकास (Academic Development) पर ही नहीं, बल्कि उनके कौशल विकास (Skill Development), वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक जागरूकता पर भी समान रूप से जोर दे रहा है।
कक्षा 9वीं के ‘ब्रिज कोर्स’ से लेकर ‘इन्सपायर अवार्ड’ और ‘मोगली बाल उत्सव’ तक, जुलाई का महीना स्कूल परिसरों को एक जीवंत लर्निंग हब (Live Learning Hub) में बदल देगा। सभी संस्था प्रमुखों और शिक्षकों से यह अपेक्षा है कि वे इस कैलेंडर को आधार मानकर अपनी दैनिक कार्ययोजना बनाएं। जब शिक्षक और छात्र मिलकर इन गतिविधियों में पूरे उत्साह के साथ भाग लेंगे, तभी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य—यानी बच्चे का ‘सर्वांगीण विकास’—पूरा हो सकेगा।