MP Board December 2026 Academic Calendar: ‘सर्जन’ कार्यक्रम, राष्ट्रीय बालरंग और परीक्षा परिणामों की समीक्षा! जानें DPI के महत्वपूर्ण निर्देश

MP Board December 2026 Academic Calendar

दिसंबर का महीना आते ही कड़ाके की ठंड शुरू हो जाती है और वर्ष 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच जाता है। लेकिन मध्य प्रदेश के स्कूलों में अकादमिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों की गर्माहट इस महीने अपने चरम पर होती है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), भोपाल द्वारा जारी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के कैलेंडर के अनुसार, दिसंबर माह ‘मूल्यांकन’ (Evaluation), ‘सम्मान’ (Felicitation), और ‘सांस्कृतिक एकता’ (Cultural Unity) का एक बेहतरीन संगम है।

नवंबर माह में संपन्न हुई अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं (Half-Yearly Exams) के बाद, अब समय है उन परिणामों की समीक्षा करने और आगामी वार्षिक परीक्षाओं (Board Exams) के लिए एक ठोस रणनीति तैयार करने का। इसके अलावा ‘सर्जन कार्यक्रम’, ‘राष्ट्रीय बालरंग’ और ‘वीर बाल दिवस’ जैसे महत्वपूर्ण आयोजन इस महीने को और भी विशेष बनाते हैं।

यदि आप शिक्षा जगत से जुड़े हैं, तो आपके लिए DPI द्वारा जारी दिसंबर माह के इस कैलेंडर की विस्तृत जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। आइए, प्रत्येक बिंदु पर विस्तार से चर्चा करते हैं।

1. पालक-शिक्षक बैठक (PTM) और अर्द्धवार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा

परीक्षाएं केवल छात्रों का नहीं, बल्कि शिक्षकों की मेहनत का भी मूल्यांकन होती हैं। दिसंबर के शुरुआती दिनों में ही स्कूलों में सबसे महत्वपूर्ण कार्य PTM (Parent-Teacher Meeting) का आयोजन करना है।

  • परिणामों की घोषणा: पालकों की बैठक आयोजित कर उन्हें बच्चों के अर्द्धवार्षिक परीक्षा परिणाम (Half-Yearly Results) विस्तार से बताए जाएं।
  • प्रगति और उपस्थिति: केवल अंक ही नहीं, बल्कि विद्यालय में छात्र की नियमित उपस्थिति (Attendance), उसका व्यवहार और ओवरऑल प्रगति (Overall Progress) की जानकारी भी अभिभावकों के साथ साझा की जाए।
  • संवाद का महत्व: शिक्षक और अभिभावक के बीच का यह सीधा संवाद बच्चे के भविष्य की दिशा तय करता है। इससे अभिभावकों को पता चलता है कि उनके बच्चे को घर पर पढ़ाई में किस प्रकार की मदद की आवश्यकता है।

2. ‘सर्जनकार्यक्रम: विद्यालयीन उपलब्धियों का भव्य जश्‍न (Srijan Program)

दिसंबर माह का सबसे आकर्षक हिस्सा ‘सर्जन’ कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम विद्यालयों और विद्यार्थियों की रचनात्मकता और उनकी साल भर की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का एक शानदार मंच है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित गतिविधियां की जानी हैं:

  • प्रिंट-रिच वातावरण (Print-Rich Environment): विद्यालय के वातावरण को आकर्षक और ज्ञानवर्धक बनाया जाए। कक्षाओं और कॉरिडोर्स में चार्ट्स, मॉडल, महापुरुषों के विचार और बच्चों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों को प्रदर्शित किया जाए।
  • उपलब्धियों का प्रदर्शन: विद्यालय द्वारा खेल, अकादमिक, या सांस्कृतिक क्षेत्रों में जो भी उपलब्धियां (Achievements) प्राप्त की गई हैं, उन्हें एक प्रदर्शनी के रूप में सजाया जाए ताकि गाँव/शहर के लोग और अभिभावक उसे देख सकें।
  • प्रतिभाओं का सम्मान (Felicitation): प्रोत्साहन किसी भी छात्र के लिए संजीवनी का काम करता है। ‘सर्जन’ कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में सर्वाधिक उपस्थिति (Highest Attendance) वाले विद्यार्थियों और अर्द्धवार्षिक परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (Top Scorers) करने वाले विद्यार्थियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए। साथ ही, इन होनहार बच्चों के पालकों (Parents) का भी सम्मान किया जाए, जिससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए।

3. कमजोर छात्रों के लिए विशेष पहल: रेमिडियल कक्षाएं (Remedial Classes)

एक उत्कृष्ट विद्यालय वही है जो अपने सबसे कमजोर छात्र को भी मुख्यधारा में ले आए। ‘सर्जन’ कार्यक्रम के उत्साह के बीच शिक्षा विभाग ने उन बच्चों का भी विशेष ध्यान रखा है जो पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं:

  • टीचर-वार्डन और प्राचार्य की भूमिका: जिन विद्यार्थियों का प्रदर्शन अर्द्धवार्षिक परीक्षा में कमजोर रहा है, या जिनकी स्कूल में उपस्थिति अनियमित (Irregular) रही है, उनके पालकों से टीचर-वार्डन या संस्था के प्राचार्य (Principal) स्वयं व्यक्तिगत रूप से चर्चा करेंगे।
  • शत-प्रतिशत उपस्थिति का लक्ष्य: इन कमजोर विद्यार्थियों के लिए विद्यालय में विषयवार ‘रेमिडियल कक्षाओं’ (Remedial/Extra Classes) का संचालन किया जाएगा। प्राचार्यों को यह सुनिश्चित करना है और पालकों को प्रेरित करना है कि इन उपचारात्मक कक्षाओं में छात्रों की ‘शत-प्रतिशत उपस्थिति’ (100% Attendance) रहे, ताकि वार्षिक परीक्षाओं से पहले उनका बेस मजबूत किया जा सके।

4. राष्ट्रीय बालरंग: भोपाल में सांस्कृतिक महाकुंभ (National Balrang)

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल दिसंबर माह में स्कूली बच्चों के सबसे बड़े राष्ट्रीय सांस्कृतिक मेले का गवाह बनती है।

  • आयोजन स्थल: ‘राष्ट्रीय बालरंग’ का भव्य आयोजन भोपाल स्थित ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय’ (Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya) के सुरम्य परिसर में किया जाएगा।
  • प्रतिभा का मंच: विद्यालय, विकासखंड, जिला और राज्य स्तर से चयनित होकर आने वाले सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी यहाँ लोकनृत्य, गायन, नाटक और लघु नाटिकाओं के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन बच्चों को अपनी संस्कृति पर गर्व करने और विभिन्न राज्यों के बच्चों के साथ घुलने-मिलने का एक अद्भुत अवसर प्रदान करता है।

5. वीर बाल दिवस: साहस और शौर्य की प्रेरणा (Veer Bal Diwas)

सिख गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों की शहादत और उनके अदम्य साहस को नमन करने के लिए दिसंबर माह में ‘वीर बाल दिवस’ मनाया जाता है।

  • प्रेरणादायक कहानियाँ: DPI के निर्देशानुसार, स्कूलों की प्रार्थना सभा (Morning Assembly) या विशेष बाल सभा में ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्राप्त कर चुके पूर्व विजेताओं की प्रेरणादायक कहानियाँ (Inspiring Stories) बच्चों के साथ साझा की जाएं।
  • उद्देश्य: इन कहानियों को सुनने से बच्चों के अंदर भी विपरीत परिस्थितियों से लड़ने का साहस, देशभक्ति और कुछ कर गुजरने का जज्बा पैदा होगा।

6. फिट इंडिया मूवमेंट: स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क (Fit India Movement)

कड़ाके की सर्दियों में शारीरिक रूप से चुस्त-दुरुस्त रहना बेहद जरूरी है। भारत सरकार के ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को स्कूलों में सक्रिय रूप से लागू किया जाएगा।

  • गतिविधियां: विद्यालयों में स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए निबंध प्रतियोगिता (Essay Writing) और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं (Sports Competitions) का आयोजन किया जाएगा। इससे बच्चों में शारीरिक व्यायाम और योग के प्रति रुचि बढ़ेगी।

7. एक भारत, श्रेष्ठ भारत और नियमित जीवन कौशल गतिविधियां

सांस्कृतिक एकता और मानसिक विकास की प्रक्रिया पूरे सत्र की तरह इस माह भी निरंतर जारी रहेगी:

  • मणिपुर की संस्कृति की झलक: ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत मध्य प्रदेश के साझेदार राज्य मणिपुर (Manipur) पर फोकस रहेगा। विद्यालयों में मणिपुर के ‘लोक नृत्य’ (Folk Dance) और वहाँ की अनूठी ‘संस्कृति’ पर आधारित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि छात्र पूर्वोत्तर भारत की विविधता को समझ सकें।
  • उमंग और उज्ज्वल: मानसिक स्वास्थ्य और जीवन कौशल (Life Skills) को बेहतर बनाने के लिए पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार प्रत्येक मंगलवार को ‘उमंग गतिविधि’ और प्रत्येक शनिवार को ‘उज्ज्वल गतिविधि’ का आयोजन अबाध रूप से किया जाता रहेगा।

8. प्रशासनिक कार्य: मासिक बैठकों का नियमित आयोजन (Monthly Meetings)

विद्यालय की समस्त अकादमिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए प्रशासनिक बैठकों का होना बहुत आवश्यक है।

  • स्थाई एजेंडा: कैलेंडर में स्पष्ट निर्देश है कि विभिन्न मासिक बैठकों (जैसे SMC/SMDC, स्टाफ मीटिंग) के प्रतिभागियों की जानकारी और ‘स्थाई एजेंडा’ नवम्बर माह के कैलेंडर के पिछले पृष्ठ पर अंकित है।
  • संस्था प्रमुख (Principal) इसी निर्धारित एजेंडे के अनुसार दिसंबर माह में भी सभी आवश्यक बैठकों का आयोजन सुनिश्चित करेंगे, ताकि विद्यालय की प्रगति की समीक्षा की जा सके और आगामी महीनों (जनवरी-फरवरी) की बोर्ड परीक्षाओं के लिए ठोस रणनीति बनाई जा सके।

निष्कर्ष (Conclusion)

लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), भोपाल द्वारा जारी मध्य प्रदेश बोर्ड का दिसंबर 2026 का यह शैक्षणिक कैलेंडर ‘मूल्यांकन और प्रोत्साहन’ का एक आदर्श उदाहरण है।

एक ओर जहाँ अर्द्धवार्षिक परीक्षा परिणामों के आधार पर PTM और रेमिडियल कक्षाओं के जरिए कमजोर छात्रों को सहारा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘सर्जन’ कार्यक्रम के माध्यम से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया जा रहा है। साथ ही, ‘राष्ट्रीय बालरंग’ और ‘वीर बाल दिवस’ जैसे आयोजन बच्चों के सांस्कृतिक और चारित्रिक विकास (Character Building) में मील का पत्थर साबित होंगे।

शिक्षक साथियों और संस्था प्रमुखों के लिए दिसंबर का यह महीना साल 2026 को एक सकारात्मक और ऊर्जावान नोट पर समाप्त करने का अवसर है। आप सभी से अपेक्षा है कि इन सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए विद्यालय को उत्कृष्टता के नए शिखर पर ले जाएं। आने वाली वार्षिक परीक्षाओं के लिए सभी विद्यार्थियों को अग्रिम शुभकामनाएं और नव वर्ष की बधाइयां!

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