MP Board September 2026 Academic Calendar
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के सफर में सितम्बर का महीना एक महत्वपूर्ण ‘चेकप्वाइंट’ (Checkpoint) की तरह होता है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), भोपाल द्वारा जारी मध्य प्रदेश बोर्ड के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, सितम्बर माह पूरी तरह से मूल्यांकन (Evaluation), समीक्षा (Review) और कमियों को सुधारने का महीना है।
अगस्त और सितम्बर की शुरुआत में आयोजित होने वाली त्रैमासिक परीक्षाओं (Quarterly Exams) के बाद अब समय है परिणामों के विश्लेषण और आगामी अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं (Half-yearly Exams) की ठोस रणनीति बनाने का। इसके अलावा, इसी माह कई बड़ी राज्य और संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं भी आयोजित होनी हैं। आइए, DPI द्वारा जारी सितम्बर माह के कैलेंडर की विस्तृत समीक्षा करते हैं, जो हर शिक्षक, संस्था प्रमुख और छात्र के लिए बेहद जरूरी है।
1. त्रैमासिक परीक्षा परिणाम की समीक्षा और आगामी रणनीति (Result Review & Planning)
परीक्षा लेना ही पर्याप्त नहीं है; उसका सही विश्लेषण करना शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सबसे अहम कदम है।
- शिक्षकीय स्टाफ के साथ समीक्षा: संस्था प्रमुखों (Principals) को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यालय के समस्त शिक्षकीय स्टाफ के साथ बैठक कर त्रैमासिक परीक्षा परिणामों की विषयवार (Subject-wise) गहन समीक्षा करें।
- अर्द्धवार्षिक परीक्षा की कार्य योजना: इस समीक्षा बैठक में यह तय किया जाए कि किन विषयों में छात्रों का प्रदर्शन कमजोर रहा है और आगामी अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं में सुधार के लिए क्या ‘माइक्रो-प्लानिंग’ (Micro-planning) की आवश्यकता है।
2. पालक शिक्षक संघ (PTM) की बैठक: अभिभावकों से सीधा संवाद
छात्रों के विकास में शिक्षक और अभिभावक, दोनों की समान भागीदारी होती है। सितम्बर माह में PTM (Parent-Teacher Meeting) का आयोजन अनिवार्य है।
- परिणाम की घोषणा: पालक-शिक्षक संघ की बैठक आयोजित कर अभिभावकों के सामने त्रैमासिक परीक्षा के परिणाम घोषित किए जाएं।
- उपस्थिति और नियमितता: अभिभावकों को उनके बच्चों की स्कूल में उपस्थिति (Attendance), नियमितता और पढ़ाई में उनकी प्रगति (Progress) से अवगत कराया जाए। यदि कोई बच्चा लगातार अनुपस्थित हो रहा है, तो उसके कारणों पर चर्चा कर समाधान निकाला जाए।
3. निदानात्मक कक्षाओं का संचालन (Remedial Classes)
DPI का सबसे महत्वपूर्ण निर्देश कमजोर छात्रों को मुख्यधारा में लाने को लेकर है।
- त्रैमासिक परीक्षा परिणाम के आधार पर ‘C’ और ‘D’ ग्रेड (या कम अंक) प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की पहचान की जाए।
- इन छात्रों के लिए विषयवार निदानात्मक कक्षाओं (Remedial Classes) का संचालन किया जाए। शिक्षकों को चाहिए कि वे इन कक्षाओं में कठिन कॉन्सेप्ट्स को सरल तरीके से दोबारा समझाएं, ताकि बच्चे अगली परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
4. छात्रवृत्ति वितरण और एमपी टास (MPTAAS) पोर्टल अपडेशन
सितम्बर का महीना शासन की योजनाओं का लाभ सीधे विद्यार्थियों के खाते में पहुंचाने का समय होता है।
- पात्रता निर्धारण: विद्यालय में अध्ययनरत SC, ST, OBC और सामान्य वर्ग के छात्रों की ‘विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति’ (Scholarships) के लिए पात्रता का निर्धारण किया जाए।
- MPTAAS पोर्टल: सभी आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण कर एम.पी. टास (MPTAAS) पोर्टल पर प्रोफाइल अपडेशन और छात्रवृत्ति स्वीकृति की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि किसी भी पात्र छात्र की स्कॉलरशिप न रुके।
5. करियर काउंसलिंग और नियमित जीवन कौशल गतिविधियां
विद्यार्थियों के मानसिक विकास और भविष्य के मार्गदर्शन के लिए निम्नलिखित गतिविधियां जारी रहेंगी:
- विशेषज्ञ व्याख्यान (Expert Lectures): कैरिअर काउंसलिंग के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों (जैसे- इंजीनियरिंग, मेडिकल, सिविल सेवा, कौशल विकास आदि) के विशेषज्ञों को विद्यालय में आमंत्रित कर उनके व्याख्यान आयोजित कराए जाएं।
- उमंग और उज्ज्वल: पिछले महीनों की तरह ही प्रत्येक मंगलवार को ‘उमंग गतिविधि’ (Umang Activity) और शनिवार को ‘उज्ज्वल गतिविधि’ (Ujjwal Activity) का आयोजन निरंतर किया जाए।
6. संभाग और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का महाकुंभ (Competitions)
सितम्बर में विद्यालय स्तर से निकलकर छात्र संभाग और राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे:
- बालरंग प्रतियोगिता: इसका संभाग स्तरीय (Divisional Level) आयोजन 3 सितम्बर को होगा।
- कालिदास समारोह: साहित्य और संस्कृत को बढ़ावा देने वाले इस समारोह का विकासखण्ड स्तरीय (Block Level) आयोजन 16 सितम्बर को किया जाएगा।
- राष्ट्रीय कला उत्सव: बच्चों की कलात्मक विधाओं को परखने के लिए इसका संभाग स्तरीय आयोजन 23 सितम्बर को निर्धारित है।
- मध्यप्रदेश पर्यटन क्विज: पर्यटन को बढ़ावा देने वाली इस बहुचर्चित क्विज का सबसे बड़ा मुकाबला यानी ‘राज्य स्तरीय (State Level)’ आयोजन 28 सितम्बर को होगा।
7. स्वदेशी जागरण सप्ताह: आत्मनिर्भर भारत का संकल्प
महात्मा गांधी की जयंती (2 अक्टूबर) के उपलक्ष्य में देशभक्ति और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष सप्ताह मनाया जाएगा।
- आयोजन की तिथि: 25 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक विद्यालयों में ‘स्वदेशी जागरण सप्ताह’ (स्वदेशी अपनाएं – आत्मनिर्भर भारत बनाएं) मनाया जाएगा।
- गतिविधियां: इसके अंतर्गत विकासखण्ड स्तर पर स्वदेशी जागरण रैली निकाली जाएगी। साथ ही छात्रों को संकल्प दिलाया जाएगा और प्रदर्शनी, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं कलात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
8. एक भारत, श्रेष्ठ भारत: नागालैण्ड की हस्तकला का परिचय
इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत मध्य प्रदेश के छात्रों को पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति से जोड़ा जा रहा है।
- नागालैण्ड का बांस शिल्प: सितम्बर माह में छात्रों को साझेदारी राज्य ‘नागालैण्ड’ (Nagaland) के प्रसिद्ध ‘बांस से बनी हुई वस्तुओं’ (Bamboo Crafts) और फर्नीचर की जानकारी एकत्रित कर अवलोकन कराया जाएगा। शिक्षक वीडियो या चित्रों के माध्यम से नागालैण्ड की इस बेहतरीन हस्तकला (Handicraft) को बच्चों को दिखा सकते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
सितम्बर 2026 का एकेडमिक कैलेंडर इस बात का सूचक है कि अब सत्र अपने ‘मिड-पॉइंट’ पर आ गया है। जहाँ एक तरफ त्रैमासिक परिणामों की समीक्षा कर कमियों को दूर करने (Remedial Teaching) का महत्वपूर्ण अकादमिक कार्य शिक्षकों को करना है, वहीं दूसरी ओर स्कॉलरशिप जैसे आवश्यक प्रशासकीय कार्यों को भी समय पर निपटाना है।
साथ ही, संभाग और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं और ‘स्वदेशी जागरण सप्ताह’ जैसे आयोजनों से विद्यालय का वातावरण ऊर्जावान बना रहेगा। सभी संस्था प्रमुखों और शिक्षकों से अपेक्षा है कि वे इस निर्धारित कैलेंडर के अनुसार अपनी योजना बनाएं, ताकि कोई भी विद्यार्थी शैक्षणिक या रचनात्मक रूप से पीछे न छूटे। यह महीना आगामी बोर्ड परीक्षाओं की मजबूत नींव तैयार करने के लिए एक ‘गेम-चेंजर’ साबित होगा!